इज़राइल का दावा, कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार !

कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में बढ़ते प्रकोप के बीच राहत देने वाली खबर आई है । ये खबर इज़राइल से आयी है । इज़राइल ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है । 

क्या है दावा ?

इज़राइल ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए मोनोप्लोनल एंटीबॉडीज़ बना ली हैं । भारत में मोनोप्लोनल एंटीबॉडीज़ का इस्तेमाल कईं चीजों में किया जाता है, जैसे – डायगनोज़, कैंसर और ऑटोइम्यून डिस्ऑर्डर हेतु । जिस भी दवाई के अंत में एमएबी(MAB) मित्यूक्सी मैब या इनफ्लीक्सी मैब लिखा होता है, वह मोनोप्लोनल एंटीबॉडी होती हैं न कि पोलिक्लोनल एंटिबॉडी । 

इसका अर्थ यह निकलता है कि वह एक एमपीजन सैल्स से इसे बनाते हैं । यह वैक्सीन नहीं हैं बल्कि थेरेपी है और भारत में कहीं भी यह दवाई 50 हजार से लेकर 1 लाख तक मिलती है । कहीं भी यह दवाई इससे कम नहीं आती और यह दवाई सप्ताह में दो बार लेनी पड़ती है । कभी-कभी यह महीने में दो या एक बार भी लेनी पड़ती है ।

प्रयोग सफल तो हो सकता है उपचार

इज़राइल दावा कर रहा है कि जो एंटीबॉडी वो देंगे, उसके एक्शन से मनुष्य के शरीर में कोरोना वायरस मर जाएगा । हां, इस बात में दम हो सकता है, अगर यह दवा असरकारक हुई और इसके मनुष्यों पर किए गए प्रयोग सफल रहे तो इसका उपयोग इलाज के तौर पर किया जा सकता है । 

परंतु यह बात ध्यान रखिए कि यह एक थेरेपी है, इसको वैक्सीन की तरह नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह वैक्सीन नहीं है ।

इंडियन हार्ट केयर फांउडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के.के.अग्रवाल का कहना है कि ऐसा नहीं है कि यह दवा असरकारक सिद्ध नहीं हो सकती । इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि अगर इसका ट्रायल सफल रहा तो यह कोरोना के खिलाफ एक विकल्प हो सकता है, परंतु भारत में इसकी कीमत को बहुत निचली दर पर उपलब्ध कराना होगा ।